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अब मोहन भागवत जी बताएं की वह साठ करोड़ जो सिर्फ साईं की पूजा करते हैं वह हिन्दू हैं ? अगर हिन्दू नहीं

Posted on 31st Aug 2014 23:57:26


हिन्दुओं के सबसे बड़े धर्म गुरु शंकर आचार्या ने धर्म संसद बुलाकर ये एलान किया के साईं बाबा की मूर्तियाँ मंदिरों से हटा दी जाएँ वर्ना हम उन्हें उठा कर फेंकवा देंगे । जिसके जवाब में साई बाबा के मानने वालों एलान कर दिया था की अगर किसी ने हाथ लगाया तो उसके हाथ तोड़ दिए जायेंगे । धर्म गुरु शंकर आचार्या जी ने फिर धर्म संसद बुलाई इसमें देश के कोने कोने से धर्म गुरु आये .......लेकिन कहीं हमें उनमें कहीं मोहन भागवत नजर नहीं आये और न उन्होंने इसके सम्बन्ध में कोई बयान दिया ।हम मोहन भागवत जी से मालुम करना चाहते हैं की मुसलमानों ,इसाईयों ,और पारसियों को तो छोड़िये पहले ये बताईये की साईं बाबा की पूजा करने वाले हिन्दू हैं या हिन्दू नहीं रहे ?  जैसे हम मुसलमान अगर सिर्फ और सिर्फ एक अल्लाह के अलावा किसी की पूजा करें या उससे मदद मांगे गर्ज के अपनी जरूरतों की कोई चीज भी अगर अल्लाह त'आला के अलावा किसी से भी मांगे तो हम मुसलमान मुर्तद हो गए । शंकर आचार्य जी कहते हैं कि साईं बाबा मुसलमान थे ,पुलाव खाते थे ,मस्जिद में रहते थे ,गोस्त खुद भी खाते थे और दूसरों को भी खिलाते थे ,और वह न भगवानहैं और न गुरु इसलिए उनकी पूजा नहीं करना चाहिए और न उनसे मुरादें मांगना चाहिए ,न चढ़ावे चढ़ाना चाहिए । आचार्या जी ये नहीं बताते की जो उनकी पूजा कर गया वह हिन्दू नहीं रहेगा .....और न ये बताते हैं की फिर वह क्या हो जाएगा ? दूसरी तरफ साईं के पुजारी कहते हैं की साईं बाबा के मानने वाले 60 करोड़ हैं और ताक़त नहीं है जो हमें उनकी पूजा से रोक सके या उनकी मूर्तियों को हाथ लगाले । जो मामला इतना संगीन हो उसमे अपने धर्म का सबसे बड़ा ठीकेदार समझने वाले मोहन भागवत जी खामोश क्यों हैं और क्यों दम साधे देख रहे हैं कि  साठ करोड़ हिन्दू राम चंद्र जी ,लक्ष्मण जी , सीता जी ,और हनुमान जी की तरफ से मुंह फेरकर ऐसे बाबा की पूजा कर रहे हैं जो सैकड़ों धर्म गुरुओं के नजदीक न भगवान हैं न गुरु बल्कि  आधा मुसलमान है ? 

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