30.04.2026 07.04.2026 ----------------------------------------------------- पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बंगाल के नवाब रहे मीर जाफ़र के परिवार के तीन सौ से ज़्यादा सदस्य रहते हैं. मगर इस बार चुनाव की घोषणा से पहले हुई विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के बाद इनमें से ज़्यादातर के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर मीर जाफ़र के परिवार वालों ने क्या कहा, सुनिए बीबीसी संवाददाता प्रेरणा की इस ग्राउंड रिपोर्ट में. शूट और एडिटः रूबाइयत बिस्वास सहयोग: सुकुमार महतो #westbengal #kolkata #westbengalelection BBC News, हिंदी सामग्री को स्किप करें सेक्शन होम पेज भारत विदेश हेल्थ मनोरंजन करियर फ़ाइनेंस खेल विज्ञान-टेक्नॉलॉजी सोशल वीडियो पॉडकास्ट 'मरने के बाद दो ग़ज़ ज़मीन मिल जाए': मीर जाफ़र के वंशजों का नाम वोटर लिस्ट से कटा इमेज कैप्शन, सैय्यद आमिर मिर्ज़ा, मीर जाफ़र के वंशज हैं ....में Author, प्रेरणा पदनाम, बीबीसी संवाददाता 6 अप्रैल 2026 अपडेटेड 9 घंटे पहले पढ़ने का समय: 7 मिनट भारत को आज़ाद हुए 79 साल होने वाले हैं और सैय्यद आमिर मिर्...
नागरिकता, जन्मतिथि से इनकार, तो आख़िर किस बात का प्रमाण है आधार? देश में आज कल लगभग हर सेवा में आधार कार्ड मांगा जाता है, लेकिन सरकार और यूआईडीएआई बार-बार स्पष्ट करते रहे हैं कि यह जन्मतिथि, नागरिकता या कई मामलों में पते का अंतिम प्रमाण नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर आधार की क़ानूनी और व्यावहारिक हैसियत क्या है? द वायर स्टाफ 29/04/2026 भारत / विशेष राज्य नागरिक से कहता है कि योजनाओं, सेवाओं और वित्तीय लेन-देन के लिए आधार दें; लेकिन जब अधिकार, उम्र, नागरिकता या वैधता का सवाल आता है, तब कहा जाता है कि आधार पर्याप्त प्रमाण नहीं है. (फोटो साभार: BMN Network/Flickr, CC BY-2.0.) नई दिल्ली: भारत में ‘आधार’ संख्या आज लगभग हर नागरिक के जीवन का हिस्सा बन चुकी है. बैंक खाता खुलवाने से लेकर मोबाइल सिम लेने, राशन पाने, टैक्स रिटर्न भरने, पेंशन लेने, छात्रवृत्ति पाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक आधार की मांग आम बात है. लेकिन दूसरी तरफ, समय-समय पर सरकार, अदालतें, विभागीय संस्थाएं और खुद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) यह स्पष्ट करते रहे हैं कि आधा...