DM & SP motihari ke pas,Arun Raut(vill.ibrahimpur parsauni,p.s. fenhara,dist.motihari) ne gair qanuni dhang se sudi karobar karne wale dabang k jariye taqat ke balpar jamin qabja kiye jane ki shikayat dt. 27.6.13 ko ki thi,suchna k mutabik,victim ko insaf dene hetu koi karwai nahi ki gai ha.
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#Modi G ! कब खुलेंगी आपकी आंखें ? CAA: एक हज़ार लोगों की थी अनुमति, आए एक लाख-अंतरराष्ट्रीय मीडिया
CAA: एक हज़ार लोगों की थी अनुमति, आए एक लाख-अंतरराष्ट्रीय मीडिया 4 घंटे पहले इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) को लेकर भारत में रोज़ाना कहीं न कहीं विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी नज़र जमाए हुए है. शनिवार को हैदराबाद में नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर निकाले गए विरोध मार्च को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने समाचार एजेंसियों के हवाले से अपने यहां अच्छी-ख़ासी जगह दी है. ब्रिटिश अख़बार द गार्जियन ने अपने यहां शीर्षक लगाया है 'भारत नागरिकता क़ानून: 100,0000 हैदराबाद प्रदर्शन में शामिल हुए.' अख़बार लिखता है कि दक्षिण भारत के शहर हैदराबाद में शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ नारे लगाए गए. इसमें कहा गया है कि शनिवार शाम तक लोग इस विरोध रैली में शामिल होने के लिए आते रहे. null आपको ये भी रोचक लगेगा CAA: हिंसक...
"बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"
सिमरन प्रजापति with Rekha Vinod Jain and 4 others Mon · क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त" जो भी ...
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