'उन्हें हिंदू नहीं कह सकता...'उन्हें किसी धर्म से जोड़ना मैं ठीक नहीं समझता. मैं नहीं कह सकता कि हिंदुओं ने मेरे साथ ऐसा किया. ऐसा करने वाला न हिंदू हो सकता है और मुसलमान. हर धर्म प्यार-मोहब्बत और अमन का संदेश देते हैं..."
दिल्ली हिंसा: इस फ़ोटो वाले मोहम्मद ज़ुबैर की आपबीती देबलिन रॉय बीबीसी संवाददाता 29 फरवरी 2020 इस पोस्ट को शेयर करें Facebook इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp इस पोस्ट को शेयर करें Messenger साझा कीजिए 37 वर्षीय मोहम्मद ज़ुबैर की एक तस्वीर दिल्ली दंगों की त्रासदी का चेहरा बन गई है झक सफ़ेद कुर्ते-पजामे पर बिखरे ख़ून के छींटे. ज़मीन पर सिर के बल गिरा एक निहत्था युवक, जो अपने दोनों हाथों से सिर बचाने की कोशिश कर रहा है. सिर से बहते ख़ून में दोनों हथेलियां रंग गई हैं. वो चारों ओर से दंगाइयों से घिरा हुआ है. दंगाई डंडे, लाठियों और लोहे की रॉड से पीट रहे हैं. 37 वर्षीय मोहम्मद ज़ुबैर की यह तस्वीर दिल्ली दंगों की त्रासदी का चेहरा बन गई है. वो चेहरा, जिसके ज़ख़्म अनंत काल तक रिसते रहेंगे. वो चेहरा, जिसके जख़्म शायद कभी नहीं सूखेंगे. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले ज़ुबैर सोमवार को जब पास की मस्जिद में सालाना इज़्तमा में शामिल होने के लिए घर से निकले थे तो उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी दुनिया कैसे बदलने वा...